Patharchatta Ke Fayde – पत्थरचट्टा के फायदे और नुकसान

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Patharchatta Ke Fayde की बेहतरीन जानकारी

गुर्दे में बनी पथरी को निकलने के लिए पत्थरचट्टा के पौदे एक आसान तरीका हो सकता है। वैसे कोई लोग है जिनको दवाईया लेते लेते परेशान हो चुके है फिर भी पथरी निकलते नहीं है। कोई लोग ऐसी भी है भी है जिन्होंने सर्जरी भी करा चुके है, लेकिन फिर भी किडनी में पथरी बार बार बनते रहते है। तो दोस्तो इस मसले को कैसे ठीक किया जाए इसके बारे में हम आपको बताने जा रहे है। दोस्तो पत्थरचट्टा के फायदे अनेको है, लेकिन किडनी स्टोन को निकलने के लिए इसका जो खास फायदे है यह अब हम आपको बताएँगे, और साथ ही साथ पत्थरचट्टा से जुड़े हर सवालो का जबाब हम आपको देने की कोशिश करेंगे।

Patharchatta Ke Fayde

पत्थरचट्टा की पहचान – Patharchatta in hindi

दोस्तो पत्थरचट्टा एक विशेष तरह का पौदे है जो भारत के कोई जगह में मिलजाते है, खास करके यह पत्ते विलेज एरिया और पहाड़ी क्षेत्र में मिलते है। पत्थरचट्टा का एक हैरान करदेनेवाली गुण यह है की इस पत्ते से ही दूसरा पत्ते का जन्म हो जाता है, यानि की नए पत्ते उगने के लिए मिट्टी की कोई जरुरत नहीं होती। अगर आप इस पत्ते को थोड़कर ठण्ड जगह में रखते है तो कुछ दिन बाद आप देख पाएंगे की इससे दो-चार ओर नए पत्तियां भी उग चुके है।

पत्थरचट्टा के पत्ते खाने के फायदे

गुर्दे की पथरी को निकलने के अलाबा पत्थरचट्टा उच्च रक्तचाप (HBP), त्वचा और सूजन को कम करने में सहायक होता है। लेकिन ज्यादातर लोग इस पत्ते को किडनी स्टोन की समस्या दूर करने के लिए इस्तेमाल करते है। आयुर्वेद में पत्थरचट्टा के पत्ते को एक बिसेश औषधि के रूप में जाना जाता है, जो सिर्फ किडनी स्टोन (kindey stone) नहीं बल्कि स्टोन की बजह से होनेवाली यूरिनरी ट्रैक इन्फेक्शन (UTI) से सम्मन्धित सरे परिसानिओ को मिटा सकता है।

किडनी स्टोन के लिए पत्थरचट्टा का उपयोग

गुर्दे में पथरी बनने से आपको कोई तरह का समस्या हो सकता है, जैसे की पेशाब करते समय जलन होना, बार बार पेशाब आना, पेशाब का रंग थोड़ा बहुत पीला या लाल हो जाना, कमर के पिछले हिच्चे में दर्द आदि समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्तिति में अगर आप घर बैठे इस समस्या का सममाधन करना चाहते है यानि की गुर्दे की पथरी को निकलना चाहते है, तो आप पत्थरचट्टा के पत्ते का इस्तेमाल कर सकते है। लेकिन यह उपचार कम्प्लेत्ली डिपेंड करेगा आपके पथरी के साइज के उपर यानि अगर पथरी के साइज 5 mm से छोटा है, तो ऐसे मे आपको पत्थरचट्टा के फायदे पूरी तरह से मिल सकता है।

पत्थरचट्टा के पत्ते कैसे खाएं ? (How to eat patharchatta leaves)

Patharchatta ke fayde को अगर आपको पूरी तरह से पाना चाहते है, तो आपको रोजाना सुबहे के समय बड़े साइज के 2 या 3 पत्ते को पीस कर एक गिलास गुनगुना पानी के साथ पीना चाहिए। इस तरह आप दिन में दो से तीन बार पी सकते है। इससे आपको पथरी के बजह से होनेवाली लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकता है और इसी तरह लगातार इस जूस को पीने से कुछ ही दिनों में गुर्दे में बनी पथरी भी पेशाब के साथ बाहर निकाल आ सकता है।

पत्थरचट्टा कितने दिन खाना चाहिए ? (How long should eat patharchatta leaves) 

यह सवाल बहुत ही महत्वपूर्ण है क्यों की कभी कभी ऐसा भी होता है काफी लम्बी समय तक इस पत्ते का उपयोग करने के बाबजुत भी पथरी निकलते नहीं। तो यह एक बहुत ही आम सवाल है जो सायद आपको जरूर पूछना चाहिए। दिखिए दोस्तो, पत्थरचट्टा के पत्ते को खाने का ऐसा कोई कोर्स नहीं होता है। जबतक आपका स्टोन निकल न जाए तबतक आप इस पत्ते को खा सकते है। ध्यान में रखिए इस बात की अगर 3 महीने तक इस पत्ते को खाने के बाद भी आपको कोई रिजल्ट नहीं मिलरहा है, तो समझ जाइए की आपके किडनी में पथरी की साइज काफी बड़ा हो सकता है।

पत्थरचट्टा के नुकसान (patharchatta ke nuksan)

दोस्तो यह एक प्राकृतिक औषधि है, जिससे किसी भी प्रकार के नुकसान नहीं होता है। आप बिना डरके पत्थरचट्टा के पत्ते को खा सकते है। आज तक इस पत्ते का कोई भी साइड इफेक्ट्स हमने नहीं देखा। लेकिन हाँ, इस पत्ते को जरुरत से ज्यादा कभी भी न खाए, इससे आपको उलटी, एलर्जी, दस्त इस तरह का समस्या हो सकता है।

 

 

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