Udiliv 300 Tablet Uses In Hindi | उडिलिव 300 टेबलेट फैटी लीवर और गॉल स्टोन की एलोपैथिक दवा

Udiliv 300 Tablet Uses In Hindi की जानकारी जो फैटी लीवर और गॉल स्टोन की एकमात्र एलोपैथिक दवा Ursodeoxycholic Acid.

दोस्तो इस आर्टिकल में हम जानने वाले है एक बहुत ही महत्बपूर्ण allopatic टेबलेट के बारे में जिसका नाम है यूडिलिव (udiliv) और इसका जो कम्पोजीशन है, वो है Ursodeoxycholic Acid . तो आज हम आपको इस टेबलेट के उपयोग और यह टेबलेट काम कैसे करता है साथ ही साथ इसके क्या क्या साइड इफेक्ट्स है और जो सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है क्या क्या सबधानिया रखनी चाहिए इस दवा को लेते समय इन सब चीजों के बारे में  बिस्तार में जानेंगे। तो सबसे पहले दोस्तो Udiliv 300 tablet की जानकारी पर आगे बढ़ने से पहले इस टेबलेट के basic चीजों के बारे में चर्चा करलेते है |

Udiliv 300 टैबलेट का उपयोग किस लिए किया जाता है ?

यानी की सबसे पहले जो उपयोग है इसका, वो है गॉल स्टोन्स यानी की पित्त की थाली में जो पत्थरी बन जाती है उनको बिगालने के लिए इस टेबलेट का उपयोग किया जाता है। और जो दूसरा इम्पोर्टेन्ट उसेस है इस टेबलेट का वो है primary biliary cholangitis , इसका मतलब यह होता है की यह एक लिवर से जुडी बीमारी है जिसमे लिवर के अंदर इंफ्लमैशन या नुकसान जो धीरे-धीरे करके बढ़ने लगता है और काफी लम्बी समय तक गुजरने ने के बाद येह लिवर सिरोसिस का रूप ले लेता है। ऐसे स्तिति में लिवर पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है। तो दोस्तो यह एक बहुत ही खतरनक् बीमारी है जिसमे उडिलिव 300 टेबलेट का भी इस्तेमाल होता है।

udiliv 300 tablet uses in hindi

अब आइए दोस्तो udiliv 300 tablet uses in hindi के बारे में डिटेल्स में जानते है

1. पित्त पथरी के मरिजो के लिए udiliv 300 tablet

अब आइए दोस्तो Udiliv 300 Tablet के बारे में डिटेल्स में जानते है। दोस्तो जैसे की हमने कहा की गॉल स्टोन की बीमारी में इस टेबलेट का इस्तेमाल किया जाता है , आमतौर पर जो पित्त की थैली में पथरी बनती है ज्यादातर कोलेस्ट्रॉल से बनते है। इसमें udiliv tablet का फंक्शन यह होता है की लिवर में कोलेस्ट्रॉल का प्रोडक्शन कम कर देता है और गॉल ब्लॉडर के अंदर कोलेस्ट्रॉल से बनने वाले पथरी को भी धीरे धीरे गला देते है। लेकिन इस प्रक्रिया में समय लगता है,  इसीलिए काफी लम्बी समय तक इस टेबलेट को लेना पड़ता है।

2. प्राइमरी बिलियरी कोलाँजिटीज़ या फैटी लिवर के मरिजो के लिए udiliv 300 tablet की uses

अब जो दूसरी बीमारी की बात की हमने primary biliary cholangitis , यह एक क्रोनिक लिवर डिजीज होता है | इसमें हमारे लिवर के जो छोटे छोटे bile ducts होते है यानी की पित्त रस को लेकर चलने वाले जो छोटे छोटे नली होते है इसमें इंजरी हो जाते है यानी की इसमें फ़ैक्चर आ जाती है या टूट जाती है जिस बजह से पित्त रस यानी bile लिवर के अंदर जमा होने लगता है जिससे हमारे  लिवर का cells डैमेज होने लगता है और ऐसे में लिवर में सूजन बढ़ता जाता है , scarring होने लगता है और धीरे धीरे लिवर सिरोसिस हो जाता है। इसमें उडिलिव टेबलेट का कार्यो यह होता है लिवर के अंदर जो एन्ज़इम्स होते है उनको बढ़ता है और लिवर के अंदर इंजुरी को भी कम करने में मदद करता है

3. फैटी लिवर में Udiliv 300 का युपोयुग। Udiliv 300 tablet uses for fatty liver.

इसके अलाबा, आज के समय में फैटी लिवर की बीमारी में भी udiliv टेबलेट का इस्तेमाल हो रहा है यानी की फैटी लिवर की बजह से लिवर में होनेवाली सूजन (scarring) या इसके एडवांस स्टेज cirrhosis जैसे स्तिति में udiliv 300 टेबलेट का उपयोग किया जा रहा है। यह टेबलेट अगर सुरुवाती स्टेज से मरीज को दिया जाए, तो हो सकता है इस बीमारी का जो प्रोग्रेशन है उसको कम कर दे । लेकिन अगर किसी बेक्ति को लिवर सिरोसिस हो जाए या आलरेडी लिवर सिरोसिस से जूझ रहा है तो ऐसे परिस्तिति में यह टेबलेट इतने कार्योकारी नहीं होता है।

साइड इफेक्ट्स – Udiliv 300 Tablet Side Effects.

दोस्तो आमतौर पर इस टेबलेट को सेफ मानी जाती है लेकिन फिर भी ज्यादा दिन तक इस टेबलेट को लेने से कुछ कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकता है जैसे की diarrhea, weight gain, बाल झरना , पेट में दर्द , नौसिआ के अलाबा ऐसा कोई गंभीर नुकसान नहीं होता है।

 यूडिलिव टेबलेट को लेने का तरीका – How to Use Udiliv 300.
इस टेबलेट को खाना खाने के बाद ही लेना चाहिए पानी के साथ रोजाना दो बार जो आपके डॉक्टर ही देसीडे कररंगे आपके बीमारी की बंभीरता के अनुसार, आपके बजन के अनुसार और ऐज के अनुसार।

 

अक्सर पूछे जानेवाले सवाल  :-

No- 1. यूडिलिव 300 का क्या काम है ?

उत्तर- लिवर से संमंधित बीमारी और खून में कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए इस टेबलेट का इस्तेमाल किया जाता है

No- 2. क्या यूडिलिव 300 फैटी लिवर को ठीक करता है ?

उत्तर- सुरुवाती समय से यानी की फैटी लिवर ग्रेड १ से अगर इस टेबलेट को मरीज को दिया जाए तो यह फैटी लिवर की स्तिति को आगे बढ़ने से काफी हद तक रुख सकता है। सीधा सीधा बोले तो फैटी लिवर की बीमारी में इसका अच्छा रिजल्ट दिखा जाता है।

No- 3. उड़िलिव 300 mg टेबलेट किन – किन बीमारियो में खाते है ?

उत्तर – यदि किसी को पित्त में पथरी है, फैटी लिवर की बीमारी है या लिवर संम्बंदिथ अन्नो बीमारी है यानि कोलेस्ट्रॉल की बजह से अगर इन सब बिमारिओ का लक्षण दिखाई दे रहा है तो डॉक्टर उडिलिव 300 टेबलेट मरीज को देते है।

 

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